एक साल पहले दंगे में फूंकी थी स्कूल बसें, आज तक नहीं मिला मुआवजा

फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़के दंगे में उपद्रवियों ने स्कूलों बसों को फूंक दिया था। सरकार ने पीड़ित स्कूल संचालकों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आर्थिक मदद नहीं मिल सकी है। सरकार द्वारा मदद नहीं मिलने से क्षुब्ध […]

फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़के दंगे में उपद्रवियों ने स्कूलों बसों को फूंक दिया था। सरकार ने पीड़ित स्कूल संचालकों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आर्थिक मदद नहीं मिल सकी है। सरकार द्वारा मदद नहीं मिलने से क्षुब्ध पीड़ित स्कूल संचालकों को शुक्रवार को मीडिया के सामने आकर अपनी व्यथा सुनानी पड़ी। मैना पयर्टन केंद्र में पत्रकारों से निजी स्कूल संचालक रूबरू हुए और अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का आह्वान किया। स्कोलर्स रोजरी स्कूल के निदेशक डॉ. रवि गुगनानी, पठानिया स्कूल के संचालक अंशुल पठानिया, जॉन वेस्ले स्कूल के संचालक सुरेंद्र मलिक ने संयुक्त रूप से कहा कि उनके अलावा शिक्षा भारती स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थानों की 51 बसों को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया था। अगस्त 2016 में सर्वे भी किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक भी बुलाई गई थी। जिसमें सर्वे टीम भी शामिल थी। सर्वे टीम ने 42 बसों की रिपोर्ट तैयार की। सर्वे के बाद सरकार की ओर से मुआवजा राशि दिए जाने का आश्वासन दिया गया था। वहीं उनसे इन बसों की आरसी कैंसिल कराने की रिपोर्ट भी मांगी गई। जिसे उन्होंने एक सप्ताह में ही उनको सौंप दिया। इसके बाद दिसंबर में सरकार की ओर से उनको पत्र मिला। जिसमें बच्चों से बसों के कितने पैसे लिए जाने संबंधी प्रश्न किए गए। इसके बाद अब पांच मार्च को फिर उनको पत्र मिला है। जिसमें कहा गया है कि उनको बसों के तेल का ही पैसा दिया जाएगा। जिससे स्कूल इन संचालकों में रोष है। उनका आरोप है कि ऐसी बात कर उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में वे मुख्यमंत्री से मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे। जबकि उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक सरकार से बातचीत जारी रहेगी।

किस स्कूल की कितनी बसें फूंकी थी :

स्कोलर रोजरी स्कूल : 21 बसें

जोन वेस्ले स्कूल : 13 बसें

पठानिया स्कूल : 9 बसें

शिक्षा भारती स्कूल : 6 बसें

कितनी राशि का किया गया है दावा :

स्कोलर रोजरी स्कूल : 2 करोड़, छह लाख, 75 हजार रुपये

जोल वेस्ले स्कूल : 47 लाख 62 हजार रुपये

पठानिया स्कूल : सात लाख ढाई हजार रुपये

 

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